याज्ञवल्क्यस्मृतिः




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। श्रीः ।। श्रीमद्योगीश्वरमहर्षियाज्ञवल्क्यप्रणीता याज्ञवल्क्यस्मृतिः । विज्ञानेश्वरप्रणीतमिताक्षराव्याख्यासंवलिता । इयं च पणशीकरोपाह्वलक्ष्मणशर्मतनुजनुषा वासुदेवशर्मणा। स्मृत्यादिप्राचीनधर्मशास्रग्रन्थालोचनेन टिप्पण्यादिभिः वर्णक्रमकोशेन च सनाथीकृता । (चतुर्थावृत्तिः) पाण्डुरङ्ग जावजी इत्येतैः खीये निर्णयसागराख्यमुद्रणयब्रालये मुद्रयित्वा प्राकाश्यं नीता । ३शक्राब्दाः १८५८, सन् १९३६ .
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